कविता - हमारी पाठशाला कैसी हो-- मीना शर्मा

आकर्षक पाठशाला परिसर हो
भयमुक्त वातावरण हो
बच्चों संग रिस्ते  निराले हो
अध्यापक अभिभावक घुले मिले हो ।
साफ स्वच्छ परिवेश हो
MDM में पौष्टिकता भरपेट हो
होमवर्क का माता पिता को रोज सन्देश हो
पाठ्यक्रम में नवाचार का आवेश हो।
अध्यापक बच्चे प्रज्ञावान
 प्रतिभावान हो।
श्रेष्ठ प्रदर्शन पर दोनों का सम्मान हो
मेहनत करके हम बने महान
ऐसी कर्मनीति तय करे शिक्षा प्रधान।
उत्कृष्ट विकास योजना हो।।
शैक्षिक  नवाचार परियोजना हो
शिक्षा में  खेल, संस्कार नैतिकता सराबोर हो
प्रचार प्रसार शिक्षा का चहुँ ओर हो।
जनसहयोग के लिये प्रयास हो
बेहतर शिक्षा का विकास हो।
बदल दे पाठशाला की सूरत 
ऐसी हो ग्रामवासियों की मूरत।
सभी आयामों पर काम हो
शिक्षा पायदानों पर सिर्फ सरकारी नाम हो।
सरकारी पाठशाला की जयकार हो।
सरकारी स्कूल में दाखिले के लिये हाहाकार हो
सीखें  नित ऐसी एक कर्मशाला हो 
खींचे चले आयें हम ऐसी पाठशाला हो
प्राथमिक स्तर प्र कंप्यूटर शिक्षा का समावेश हो
एक देश एक शिक्षा पद्धति का आवेश हो।

* मीना देवी,  जे बी टी 
राजकीय प्राथमिक पाठशाला गेहड़वीं जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें


Contact form

Search This Blog