निदेशालय में चौथी शतरंज प्रतियोगिता












प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश शिमला में गत दिन  चौथी वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।  निदेशालय परिसर में आयोजित इस स्पर्धा में निदेशालय के शतरंज खिलाड़ियों के साथ साथ प्रदेश के अन्य ज़िलो  के विद्यालयों से  शतरंज खेलने वाले अध्यापको ने भाग लिया। 
प्रतियोगिता में चालीस प्रतिभागियों ने शतरंज बोर्ड पर एक दूसरे को शह और मात की बाजियों से जीतने का प्रयास किया। इन प्रतिभागियों में छह महिला शतरंज खिलाड़ी भी थी।  प्रारम्भिक शिक्षा संयुक्त निदेशक श्री हितेश आज़ाद ने बताया कि शतरंज के माध्यम से समाज में फैल रही नशे की प्रवृति से युवाओं को दूर रखा जा सकता है और उनकी ऊर्जा को सार्थक दिशा में लगाया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि शतरंज खेल हमारे मानसिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है ।
मंडी ज़िला शतरंज संघ के संयुक्त सचिव हंस राज ठाकुर और राज कुमार शर्मा ने  कहा कि  शतरंज के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में निर्देशित किया जा सकता है और वे जीवन में आने वाले उतार चढ़ाव से सामना करने की क्षमता को विकसित कर पाने में सक्षम हो सकते है।  
प्रतियोगिता का आकर्षण सेंट एडवर्ड स्कूल में 4थी कक्षा में पढ़ने वाले तिजिल नेगी थे। जिन्होंने अपनी शतरंज की चालों से सबको प्रभावित किया। प्रतियोगिता  अंको के आधार पर खेली गई इस स्पर्धा में महिला वर्ग में शिमला की निष्ठा प्रथम, शिमला की अंजू द्वितीय और सोलन की नम्रता तृतीय रही। जबकि पुरुष वर्ग में हितेश आज़ाद प्रथम, राजेन्द्र कुमार शर्मा द्वितीय और योगेश तृतीय रहे। विजेताओं को मेमेंटो के साथ साथ नकद पुरस्कार भी प्रदान किये गए जबकि अन्य सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

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